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विवाह मुहूर्त 2026

ये विवाह तिथियां किसी सूची से नहीं, वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणित हैं। हर तिथि शास्त्रीय विवाह नक्षत्रों व तिथियों पर खरी उतरती है, चातुर्मास व खरमास से बाहर है, सूर्योदय पर भद्रा-रहित है, और शुक्र व गुरु दोनों उदित (अस्त नहीं) हैं।

नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उ.फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उ.आषाढ़ा, उ.भाद्रपद, रेवती। तिथियां: 2, 3, 5, 7, 10, 11, 13। वर्जित: चातुर्मास (देवशयनी→प्रबोधिनी एकादशी, गणित), खरमास (सूर्य धनु/मीन में), सूर्योदय पर विष्टि करण, शुक्र अस्त (<10°), गुरु अस्त (<11°)। अंतिम चयन में वर-वधू की कुंडलियां भी देखें — हमारा मुफ्त मिलान उपयोग करें।

कुल 25 शुभ तिथियां

फ़रवरी 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
20 फ़र॰शुक्रवारउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष तृतीया
26 फ़र॰गुरुवारमृगशिराशुक्ल पक्ष दशमी

मार्च 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
5 मार्चगुरुवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पक्ष द्वितीया
8 मार्चरविवारस्वातिकृष्ण पक्ष पंचमी

अप्रैल 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
20 अप्रैलसोमवाररोहिणीशुक्ल पक्ष तृतीया
21 अप्रैलमंगलवारमृगशिराशुक्ल पक्ष पंचमी
26 अप्रैलरविवारमघाशुक्ल पक्ष दशमी
29 अप्रैलबुधवारहस्तशुक्ल पक्ष त्रयोदशी

मई 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
4 मईसोमवारअनुराधाकृष्ण पक्ष तृतीया
13 मईबुधवारउत्तरा भाद्रपदकृष्ण पक्ष एकादशी
18 मईसोमवाररोहिणीशुक्ल पक्ष द्वितीया
19 मईमंगलवारमृगशिराशुक्ल पक्ष तृतीया
25 मईसोमवारउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष दशमी
26 मईमंगलवारहस्तशुक्ल पक्ष एकादशी
29 मईशुक्रवारस्वातिशुक्ल पक्ष त्रयोदशी

जून 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
2 जूनमंगलवारमूलकृष्ण पक्ष द्वितीया
10 जूनबुधवारउत्तरा भाद्रपदकृष्ण पक्ष दशमी
11 जूनगुरुवाररेवतीकृष्ण पक्ष एकादशी

नवंबर 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
5 नव॰गुरुवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पक्ष एकादशी
11 नव॰बुधवारअनुराधाशुक्ल पक्ष द्वितीया
26 नव॰गुरुवारमृगशिराकृष्ण पक्ष द्वितीया

दिसंबर 2026

दिनांकवारनक्षत्रतिथि
3 दिस॰गुरुवारउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पक्ष दशमी
4 दिस॰शुक्रवारहस्तकृष्ण पक्ष एकादशी
6 दिस॰रविवारस्वातिकृष्ण पक्ष त्रयोदशी
12 दिस॰शनिवारउत्तराषाढ़ाशुक्ल पक्ष तृतीया

तिथि चुनने से पहले कुंडली मिलान अवश्य करें —

फ्री कुंडली मिलान

FAQ

2026 के कुछ महीनों में विवाह मुहूर्त क्यों नहीं हैं?

लंबे अंतराल गणित वर्जित-कालों से आते हैं: चातुर्मास (लगभग जुलाई–नवंबर), खरमास (सूर्य धनु में मध्य दिसंबर–मध्य जनवरी और मीन में मध्य मार्च–मध्य अप्रैल), और शुक्र/गुरु अस्त की अवधियां।

क्या विवाह पक्का करने के लिए ये तिथियां पर्याप्त हैं?

ये दिन-स्तर की योग्यता हैं। परंपरा में इसके बाद वर-वधू का कुंडली मिलान होता है और चुने दिन पर लग्न-स्तर का समय पारिवारिक ज्योतिषी से निकलवाया जाता है।

ये तिथियां किस शहर के लिए गणित हैं?

सूर्योदय की स्थितियां नई दिल्ली के लिए आंकी गई हैं। भारत भर में तिथियां प्रायः समान रहती हैं; तिथि/नक्षत्र संधि के दिन सुदूर पूर्व-पश्चिम में एक दिन का अंतर संभव है।