आज चंद्रमा चतुर्थ भाव से गुजरता है — घर, माता और मन की शांति ध्यान मांगते हैं; आज मन को विजय से अधिक विश्राम चाहिए।
आज मन जल्दी आहत होते हैं — पहले सुनें, प्रतिक्रिया से बचें। गुरु के इस कठिन गोचर में बड़े वादों से बचें; छोटा पर पक्का काम करें।
आज मृदु नक्षत्र की कृपा है — कला, मित्रता और मेल-मिलाप इसमें फलते-फूलते हैं।